
Agriculture · Botany · Horticulture
Amrit Phal Amla (Emblica Officinalis Gaertn)
- ISBN
- 9789348596383
- Year
- 2027
- Binding
- Hardbound
- Language
- English
- Total pages
- 306
- Ebook
- Not available
About the Book
यह पुस्तक ‘अमृत फल आँवला’ आँवले (Emblica officinalis) की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन एवं बागवानी प्रबंधन पर आधारित एक उपयोगी एवं विस्तृत पुस्तक है। इसमें आँवले की उत्पत्ति, इतिहास, भौगोलिक वितरण, पोषण मूल्य तथा औषधीय महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। पुस्तक में भारत में आँवले की खेती की स्थिति, प्रमुख उत्पादक राज्यों एवं इसकी व्यावसायिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बनारसी, फ्रांसिस, चकइया, कंचन, कृष्णा, अमृत, नीलम तथा अन्य उन्नत किस्मों की विशेषताओं का वर्णन किया गया है। विभिन्न कृषि एवं बागवानी संस्थानों द्वारा विकसित और अनुशंसित किस्मों की जानकारी भी इसमें शामिल है। पुस्तक में पौध प्रवर्धन, उच्च घनत्व रोपण, कैनोपी प्रबंधन तथा पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण बागों के जीर्णोद्धार जैसी आधुनिक तकनीकों को समझाया गया है। इसके अतिरिक्त, सिंचाई, ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन, अंतरवर्तीय फसल प्रणाली एवं पोषक तत्व प्रबंधन पर भी उपयोगी जानकारी दी गई है। इसमें कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। कटाई, कटाई-पश्चात प्रबंधन, भंडारण अवधि बढ़ाने तथा परिवहन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकों को भी शामिल किया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु को सरल भाषा एवं उपयुक्त चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठकों को तकनीकों को समझने में आसानी होती है। यह पुस्तक बागवानी एवं कृषि क्षेत्र के शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है। साथ ही, आँवला उत्पादकों, किसानों, औषधि उद्योगों और आँवले में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगी। कुल मिलाकर, यह पुस्तक आँवले की वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
Amrit Phal Amla (Emblica Officinalis Gaertn) by A. K. Misra, Devendra Pandey..
306 pages · English · Published 2027
Subjects: Agriculture, Botany, Horticulture
About Author
डॉ. देवेंद्र पाण्डेय एक प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक एवं बागवानी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने 38 वर्षों से अधिक समय तक कृषि अनुसंधान, बागवानी विकास और पौध रोग विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ में पूर्व कार्यवाहक निदेशक एवं विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या से बागवानी में स्नातकोत्तर शिक्षा तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। डॉ. पाण्डेय का विशेष योगदान आँवला और बेल जैसी महत्वपूर्ण फल फसलों के विकास एवं अनुसंधान में रहा है। उनके नाम पर आँवले की दो उन्नत किस्में CISH A-1 और CISH A-2 तथा बेल की तीन किस्में CISH-B-1, CISH-B-2 और CISH-B-3 दर्ज हैं। उन्होंने फल फसलों की नई किस्मों के विकास, पौध प्रवर्धन, फसल प्रबंधन, लवण सहनशीलता तथा आम में विकृति (Malformation) जैसी समस्याओं पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया है। उन्होंने अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) के परियोजना समन्वयक के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। उनके नाम लगभग 580 वैज्ञानिक प्रकाशन दर्ज हैं, जिनमें शोध पत्र, पुस्तकें, बुलेटिन, पुस्तक अध्याय और तकनीकी लेख शामिल हैं। उन्हें कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2018 में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया गया। डॉ. पाण्डेय विभिन्न राष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं एवं बागवानी संगठनों से जुड़े रहे हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं। उनका शोध एवं अनुभव भारतीय बागवानी के विकास और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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